navbharattimes.indiatimes.com · Mar 1, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260301T084500Z
Iran US Isreal Attack Explained for Exams in Hindi: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर शनिवार को ईरान पर हमला बोल दिया। राजधानी तेहरान में बम गिराए गए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा इस्फहान समेत कई प्रमुख शहरों में भी हमला हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को प्रमुख युद्ध अभियान बताया है। ये हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को लेकर बातचीत चल रही थी। अमेरिका और इजरायल की जवाबी कार्रवाई की वजह से मिडिल ईस्ट में फिर से उथल-पुथल मच गई है। वहीं, ईरान भी जवाबी हमला करने में पीछे नहीं हटा है। उसने उत्तरी इजरायल पर मिसाइलें बरसाई हैं, जिसमें काफी नुकसान हुआ है। इसी तरह से मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें गिराई गई हैं। संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ है। मिडिल ईस्ट में हो रही इस जंग से जुड़े सवाल इस बार यूपीएससी जैसी सरकारी परीक्षाओं में भी पूछे जा सकते हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर भारत में होने वाली कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न आते रहते हैं। इजरायल के हमलों के बाद तेहरान में धुआं उठते हुए देखते लोग (फोटो- AP)ईरान पर की गई कार्रवाई को क्या नाम मिला है?सबसे अहम ये सवाल होने वाला है कि ' ऑपरेशन फ्यूरी ' और 'लॉयन रोअर' क्या है, जिसके तहत अमेरिका और इजरायल दोनों ने मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई की है। अगर आप भी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या फिर इंटरनेशनल रिलेशन से जुड़े टॉपिक्स की जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो आपको इस पूरे घटनाक्रम के बारे में मालूम होना चाहिए। आइए जानते हैं कि ये दोनों ऑपरेशन क्या हैं और इन्हें जो ये नाम दिया गया है, उसका मतलब क्या होता है। 'ऑपरेशन फ्यूरी' क्या है?अमेरिका ने ईरान पर की गई कार्रवाई को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। इसके तहत इजरायल के साथ मिलकर ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों और शहरों पर मिसाइल से हमला किया गया है। अमेरिकी सेना ने औपचारिक रूप से इस ऑपरेशन को 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान किया। ट्रंप ने इस मिशन को ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमताओं को नेस्तनाबूद करने के मकसद से चलाया जा रहा एक बड़ा युद्ध अभियान बताया।इजरायल के हमलों में तेहरान की सड़कों पर गाड़ियों को भी पहुंचा नुकसान (फोटो- AP)राष्ट्रपति ट्रंप ने इस हमले को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों से पैदा हुए खतरों का जवाब बताया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को तबाह करना है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि वह ऑपरेशन के जरिए ईरान में सत्ता परिवर्तन भी करना चाहता है। इसी कड़ी में इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयोतुल्लाह अली खामेनेई की मौत भी हो गई है। ' ऑपरेशन लॉयन रोअर ' क्या है?इजरायली सरकार ने ईरान के खिलाफ किए गए हमले को 'ऑपरेशन रोअर ऑफ द लॉयन' या कहें 'ऑपरेशन लॉयन रोअर' नाम दिया है। ये नाम खुद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने चुना है। इस नाम का इस्तेमाल शनिवार से शुरू हुए ईरान के खिलाफ हवाई और मिसाइल हमलों को ब्रांड करने के लिए किया गया। इस नाम ने इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) द्वारा पहले इस्तेमाल किए जाने वाले एक आंतरिक कोडनाम का स्थान लिया है।ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद तेल अवीव में फैली शांति (फोटो- AP)द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, शेर का इजराइली सैन्य संस्कृति में गहरा प्रतीकात्मक महत्व है, जो अक्सर शक्ति, सतर्कता और ऐतिहासिक दृढ़ता का प्रतीक है। ईरान के साथ पहले हुए संघर्षों के दौरान भी इसी से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल किया गया था। उदाहरण के लिए पिछले साल जून में जब जंग हुई थी, तो उसे ऑपरेशन 'राइजिंग लॉयन' नाम मिला था। नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से इस अभियान को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की कार्रवाई बताया है।लेखक के बारे मेंअनवर अंसारीअनवर अंसारी, नवभारत टाइम्स डिजिटल में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। वह पिछले एक साल से विदेश में पढ़ाई, नौकरी, फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन और वीजा संबंधी खबरें कवर कर रहे हैं। इससे पहले अनवर ने अमर उजाला, टीवी9 भारतवर्ष और एबीपी न्यूज जैसे संस्थानों में काम किया है। वे नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज पर काम कर चुके हैं। देश-विदेश से जुड़ी घटनाओं पर लिखने के अलावा उन्हें डिफेंस और नॉलेज स्टोरीज लिखने का भी अनुभव है। अनवर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है।... और पढ़ें