
livehindustan.com · Feb 27, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260227T171500Z
राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक इतिहास में शुक्रवार का दिन अहम बन गया जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में तीन ऐतिहासिक शहरों के नाम बदलने की घोषणा कर दी। अब माउंट आबू को अबूराज, कामां को कामवन और जहाजपुर को यज्ञपुर के नाम से जाना जाएगा। राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक इतिहास में शुक्रवार का दिन अहम बन गया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में तीन ऐतिहासिक शहरों के नाम बदलने की घोषणा कर दी। अब माउंट आबू को अबूराज, कामां को कामवन और जहाजपुर को यज्ञपुर के नाम से जाना जाएगा।सरकार ने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।माउंट आबू बना ‘अबूराज’सिरोही जिले का प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू अब आधिकारिक रूप से अबूराज कहलाएगा।अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा यह स्थल वर्षों से राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन रहा है। सरकार का कहना है कि ‘अबूराज’ नाम इसकी प्राचीन पहचान से जुड़ा हुआ है, जिसे अब औपचारिक मान्यता दी जा रही है।कामां अब कहलाएगा ‘कामवन’भरतपुर जिले का धार्मिक महत्व वाला कस्बा कामां अब कामवन के नाम से जाना जाएगा।सरकार के अनुसार यह नाम ब्रज क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर इस नाम को पुनर्स्थापित करने की मांग उठती रही थी।जहाजपुर का नया नाम ‘यज्ञपुर’भीलवाड़ा जिले का ऐतिहासिक नगर जहाजपुर अब यज्ञपुर कहलाएगा।सरकार का दावा है कि इस क्षेत्र का संबंध प्राचीन यज्ञ परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से रहा है, जिससे प्रेरित होकर नाम परिवर्तन का निर्णय लिया गया।सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का तर्कमुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोकभावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है।उनके अनुसार कई स्थानों के मूल नाम समय के साथ परिवर्तित हो गए थे, जिससे उनकी ऐतिहासिक पहचान धुंधली पड़ गई। नए नाम उसी विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास हैं।राजपत्र अधिसूचना जारी कर सभी सरकारी अभिलेख, पट्टिकाएं और साइन बोर्ड चरणबद्ध तरीके से बदले जाएंगे।विधायकों के लिए नई सुविधाएंघोषणा के दौरान मुख्यमंत्री ने विधायकों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले सुनाए:प्रतिवर्ष महंगाई भत्ते के अनुरूप लागत समायोजन का लाभप्रत्येक विधायक को एक मोबाइल फोन और एक टैबलेटडिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर जोरसरकार का कहना है कि इससे जनप्रतिनिधियों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में सुविधा होगी।वरिष्ठ पत्रकारों के लिए राहतराज्य सरकार ने वरिष्ठ पत्रकारों के लिए भी कई कल्याणकारी घोषणाएं कीं:60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र पत्रकारों की पेंशन बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाहपात्र विधवाओं को 9 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशनआवासन मंडल के माध्यम से पत्रकार आवास योजनाइन कदमों को लंबे समय से लंबित मांगों की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है।‘गौ सेवा नीति 2026’ लागू करने की घोषणामुख्यमंत्री ने ‘गौ सेवा नीति 2026’ लागू करने की भी घोषणा की।इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में गौ संरक्षण, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और पशु कल्याण कार्यक्रमों को नई दिशा देना बताया गया है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को मजबूती मिलेगी।विधानसभा में की गई इन घोषणाओं ने प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है।एक ओर नाम परिवर्तन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कल्याणकारी घोषणाओं को विभिन्न वर्गों के लिए राहत पैकेज के रूप में देखा जा रहा है।आने वाले दिनों में नए नामों के साथ इन शहरों की पहचान किस रूप में उभरती है, इस पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।