navbharattimes.indiatimes.com · Feb 18, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260218T123000Z
NIH के अनुसार, यूरिनरी सिस्टम या यूरिनरी ट्रैक्ट शरीर का वो ड्रेनेज सिस्टम है, जो अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालने का काम करता है। हालांकि, डिहाइड्रेशन, स्मोकिंग, शराब लेना, मोटापा, व्यायाम न करना, अनहेल्दी फूड लेना जैसी चीजें इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। वैज्ञानिक रूप से यूरिनरी सिस्टम में चार महत्वपूर्ण अंग शामिल किए जाते हैं- किडनी, यूरेटर्स, ब्लैडर और यूरेथ्रा। कई स्टडीज और रिसर्च में ये सामने आ चुका है कि यूरिनरी ट्रैक्ट जब नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है, तो इन अंगों से जुड़ी कई तरह की समस्याएं शरीर में जन्म लेने लगती हैं, जैसे पथरी, यूटीआई, ब्लैडर का साइज बढ़ना, किडनी डैमेज, यूरिन कम या ज्यादा आना।यूरिनरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाने वाली आदतेंयूरिनरी सिस्टम को कौन सी चीजें करती हैं खराबडिहाइड्रेशनकिडनी स्टोन प्रिवेंशन पर प्रकाशित स्टडी के अनुसार, डिहाइड्रेशन और यूरिन में कमी शरीर में पथरी बनने के सबसे आम कारण हैं। इसके साथ ही इससे यूटीआई होने का खतरा भी बढ़ जाता है।व्यायाम न करनाPubMed के अनुसार जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं और व्यायाम नहीं करते, उन्हें लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट सिम्प्टम्स का खतरा ज्यादा रहता है। LUTS वो स्थिति है, जिसमें यूरिन रोकने के साथ ही ब्लैडर को पूरी तरह से खाली करने और पेशाब टपकने जैसी समस्याएं होती हैं।अनहेल्दी फूडNCBI के अनुसार, ज्यादा नमक, तेल, शुगरी, और फास्ट फूड खाने वालों को किडनी स्टोन होने का खतरा ज्यादा रहता है। ज्यादा कैफीनPubMed के लेख के अनुसार, ज्यादा कैफीन ब्लैडर की अंदरूनी सतह को इरिटेट कर सकता है, जिससे बार-बार यूरिन आने की समस्या जन्म लेती है। स्मोकिंग और शराब का सेवनद जरनल ऑफ यूरोलॉजी और अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन जर्नल पर प्रकाशित पेपर्स के अनुसार, स्मोकिंग और ज्यादा शराब का सेवन ब्लैडर हेल्थ बिगड़ने, पथरी और यूटीआई की आशंका को बढ़ा देते हैं। नींद की कमीलंबे समय तक पर्याप्त और अच्छी नींद नहीं लेने पर भी किडनी पर असर पड़ता है। NIH के अनुसार, ये स्थिति किडनी से संबंधित रोगों को जन्म देती है।यूरिन रोकने की आदतनेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो ज्यादा देर तक पेशाब रोकने की आदत ब्लैडर को कमजोर करती है, और यूरिन पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाता। यूरिन के अंदर रह जाने पर बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है। यह महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ा देता है।हाइजीन की कमीप्राइवेट पार्ट को ठीक से साफ नहीं रखने और हाइजीन की कमी यूरिनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है। IJCMAS में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, इन बैक्टीरिया के कारण किडनी, यूरेटर्स, ब्लैडर और यूरेथ्रा में इंफेक्शन होने की आशंका रहती है, जो गंभीर रूप भी ले सकता है।मोटापा और हाई BMIसाल 2025 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, मोटापा और हाई बीएमआई होने पर ब्लैडर पर बुरा असर पड़ने और पथरी बनने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।यूरिनरी सिस्टम को कैसे रखें हेल्दीडाल लें ये आदतें, ताकि यूरिनरी सिस्टम रहे हेल्दीनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेस के लेख में यूरिनरी सिस्टम को हेल्दी रखने वाली 6 आदतों के बारे में बताया है:लिक्विड लें, हाइड्रेट रहेंएक सामान्य व्यक्ति को दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। अगर किडनी या ब्लैडर स्टोन है, तो इस स्थिति में और लिक्विड लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्या है तो उस स्थिति में तरल पदार्थ कम लेने की सलाह दी जाती है। बेस्ट यही है कि किसी एक्सपर्ट से अपने शरीर की जरूरत के अनुसार लिक्विड इनटेक तय किया जाए।डाइट में करें इन्हें शामिलअपनी डाइट में लीन प्रोटीन, साबुत अनाज, फाइबर से भरपूर रोटी, नट्स, बेरीज, फल और सब्जियों को शामिल करें। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट को क्लीन एंड प्रेशर-फ्री रखने में मदद मिलेगी।हेल्दी लाइफस्टाइल जिएंरेग्युलर एक्सरसाइज करें, शराब के सेवन को कम या बंद करें, कैफीन ड्रिंक्स और फूड को कम करें और स्मोकिंग से दूर रहें।यूरिन न रोकेंप्रेशर बनने पर यूरिन को जबरन ना रोकें। नैचुरल कॉलिंग को समझें और पेशाब करने के बाद शरीर को हाइड्रेट करते रहें।हेल्दी बाथरूम हेबिट्स डालेंजल्दबाजी न करें और यूरिन को नैचुरल फ्लो के साथ बाहर आने दें ताकि ब्लैडर अच्छे से खाली हो जाए।प्राइवेट पार्ट को क्लीन रखेंमहिलाएं विशेषकर फ्रंट से बैक की ओर वाइप करें, ताकि बैक्टीरिया यूरेथ्रा के जरिए अंदर प्रवेश न कर सकें।पेल्विक एक्सरसाइज करेंपेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज जिन्हें कीगल एक्सरसाइज भी कहा जाता है, उसे अपने डेली रूटीन का पार्ट बनाएं। इससे पेल्विक मसल्स मजबूत होती हैं और ब्लैडर को हेल्दी रखने में मदद मिलती है। साथ ही पाचन भी बेहतर होता है। यूरिन पास करते समय ध्यान दें कि आपको यूरेथ्रा में किसी तरह की परेशानी तो नहीं महसूस हो रही, कहीं पेशाब ज्यादा तो नहीं आ रहा, यूरिन लीक तो नहीं हो रहा या फिर ब्लैडर को पूरी तरह से खाली करने में परेशानी आने लगी है, तो इस स्थिति में डॉक्टर को दिखाएं। साथ ही समय-समय पर यूरिनरी सिस्टम से जुड़े अंगों की जांच कराते रहें, ताकि किसी भी तरह की समस्या का सही समय पर इलाज हो सके।हमने इस लेख की समीक्षा कैसे कीहमारी टीम हेल्थ और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार रिसर्च करती है और भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर कंटेंट तैयार करती है। हर आर्टिकल अनुभवी मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा रिव्यू किया जाता है, ताकि आपको सही, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।वर्तमान संस्करणFeb 16, 2026, 07:41 AMReviewed byDr Alok Kumar JhaFeb 16, 2026, 07:41 AMWritten byअक्षरा उपाध्यायनवभारत टाइम्स