navbharattimes.indiatimes.com · Feb 21, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260221T064500Z
Curated by: राहुल महाजन|नवभारतटाइम्स.कॉम•21 Feb 2026, 10:47 am ISTएआईडीएमके से निष्कासित नेता ओपीएसचेन्नै: एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को मौजूदा विधानसभा कार्यकाल पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) आगामी चुनावों में फिर से सत्ता हासिल कर सकती है। मीडिया से बातचीत में पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां और पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्य, डीएमके के पक्ष में माहौल बना सकते हैं। उनके अनुसार, राज्य सरकार की उपलब्धियां जनता के बीच प्रभाव छोड़ चुकी हैं और इसका चुनावी लाभ मिल सकता है। इससे पहले वे सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री स्टालिन से मिले और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।एआईएडीएमके में वापसी की कोशिशें नाकामओपीएस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनकी एआईएडीएमके में वापसी की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। पार्टी के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने उन्हें दोबारा शामिल करने के संकेत नहीं दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर सकता है। इसी बीच, विधानसभा में उसिलामपट्टी से एआईएडीएमके विधायक पी. अय्यप्पन ने भी मुख्यमंत्री स्टालिन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्टालिन को दिवंगत नेताओं एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता का आशीर्वाद प्राप्त है और वे आगे भी चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके बयान पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर समर्थन जताया। उस समय पन्नीरसेल्वम भी सदन में मौजूद थे। अय्यप्पन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए OPS ने कहा कि विधायक के शब्द तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं को दर्शाते हैं। यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर रहा है।कौन हैं ओ पन्नीरसेल्वमओ. पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु की राजनीति का एक जाना माना नाम है। वो एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता थे, लेकिन अब उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। वो दिवंगत जे. जयललिता के मित्र और सहयोगी होने के नाते,कई बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। ओ. पन्नीरसेल्वम ने तमिलनाडु के छठे मुख्यमंत्री और दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। बता दें कि पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम के बीच साल 2016 में जयललिता के निधन के बाद टकराव शुरु हुआ। पन्नीरसेल्वम ने नेतृत्व को लेकर चली खींचतान के बीच पलानीस्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके चलते साल 2022 में उन्हें AIADMK से बेदखल कर दिया था।लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिल कंटेट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास 12 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर में ईटीवी और न्यूज18 (डिजिटल) जैसे संस्थानों में काम किया है। वह पिछले 10 सालों से हरियाणा, हिमाचल, पंजाब समेत नॉर्थ-ईस्ट और दक्षिणी राज्यों से जुड़े विषयों को कवर कर रहे हैं। इन राज्यों की राजनीति और क्राइम के अलावा करेंट अफेयर में इनकी पकड़ है।... और पढ़ेंStateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर