navbharattimes.indiatimes.com · Feb 21, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260221T114500Z
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के आखिरी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान वे जातिवादी राजनीति पर जबर्दस्त प्रहार करते दिखे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को सदन में पढ़ा। इसमें जाति का शोर क्रूर और कायरों के मचाने की बात कही गई है। सीएम योगी इस बयान के जरिए विपक्ष पर निशाना साधते दिखे। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर धकेलने के बाद अखिलेश यादव अपनी राजनीति को धार देने में जुटे हैं। जातीय पॉकेट्स को साधने की कोशिश लगातार समाजवादी पार्टी की ओर से हो रही है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान महत्वपूर्ण हो जाता है।सीएम योगी ने क्या कहा?सीएम योगी ने सरकारी योजनाओं का लाभ भाजपा शासनकाल में प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने कभी समाज को जाति के आधार पर बांटकर नहीं देखा है। आप लोगों का नजरिया जाति का हो सकता है। आप लोग जाति के आधार पर सोचते हैं। इसलिए, इस प्रकार की बात करते हैं। हम लोग ऐसा नहीं मानते। हम लोगों का मानना है कि शासन की सुविधा को प्राप्त करने का अधिकार प्रदेश के हर व्यक्ति का होना चाहिए। हर नागरिक का होना चाहिए।सीएम ने कहा कि राज्य के हर नागरिक को शासन की सुविधाएं मिलनी चाहिए। कानून की निगाहों में सभी एक समान होने चाहिए। शासन की योजनाओं का लाभ समान रूप से सबको मिलना चाहिए। इसीलिए, हमारी सरकार इस बारे में काम करती है।दिनकर पंक्तियों वाला तंजसीएम योगी ने विपक्ष की राजनीति पर तंज कसते हुए राष्ट्रकवि दिनकर की पंक्तियों को सदन में पढ़ा। इसके जरिए विपक्ष की जातीय राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। सीएम ने कहा कि आपलोग भी अपने समय में इन पंक्तियों को पढ़ते होंगे। मुझे इस समय वह पंक्तियां याद आ रही है।मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता है रणधीरों का,पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,'जाति-जाति' का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।विपक्ष पर सीधा निशानासीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आपलोग जाति के आधार पर समाज को बांटते रहे। आपलोगों ने कभी उस दलित के बच्चे के बारे में नहीं सोचा, जो इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित होकर के दम तोड़ता था। उस अति पिछड़ी जाति के बच्चे के बारे में नहीं सोचते थे, जिन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं नहीं मिलती थी। सीएम योगी ने हाल के समय में ब्राह्मणों को लेकर हो रही राजनीति पर भी निशाना साधा।सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की ओर निशाना साधते हुए कहा कि आज आपलोग तरह-तरह की बात करते हैं। अपने समय में उन गरीब ब्राह्मणों के बच्चों को स्कॉलरशिप दे दिए होते तो उनका भला हो जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि आपलोग केवल जाति के आधार पर सोचते हैं और यह राजनीति तक सीमित है।कहां है निशाना?सीएम योगी के जातीय राजनीति पर इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजशास्त्री प्रो. रणधीर कुमार सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री ने इस बयान के जरिए सीधे तौर पर जातीय राजनीति को उजागर करने की कोशिश की है। सीएम योगी अपनी योजनाओं के जरिए हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की बात करते दिख रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सीएम योगी ने इस बयान से चुनावी राजनीति का टोन सेट करने की कोशिश की है। आगे वे इसे विस्तार रूप देते दिखेंगे।राष्ट्रकवि की कविता में है बड़ा प्रहारराष्ट्रकवि दिनकर ने अपनी पुस्तक रश्मिरथी में महाभारत के प्रकरणों के जरिए जातिवाद पर गहरा प्रहार किया था। महाभारत कर्ण के जरिए दिनकर ने जातिवाद पर गहरा प्रहार किया। वे लिखते हैं कि 'जाति-जाति रटते, जिनकी पूंजी केवल पाषंड, मैं क्या जानूं जाति? जाति हैं ये मेरे भुजदंड। इसमें कर्ण अपनी जाति को अपनी भुजाओं के बल से तोड़ने की बात करते दिखते हैं। दरअसल, राष्ट्रकवि दिनकर ने महाभारत के प्रसंगों का प्रयोग करके बताया कि जब समाज जाति के नाम पर प्रतिभा (कर्ण) का अपमान करता है, तो वह राष्ट्र का दुर्भाग्य होता है। अब सीएम योगी भी उनकी इन्हीं पंक्तियों में से जातिवाद को कायरों का हथियार बताने वाली पंक्तियों का उल्लेख करते दिखे हैं।लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर जर्नलिस्ट हैं। वे राजनीति, करेंट अफेयर्स, डेवलपमेंट, ब्यूरोक्रेसी, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्राउंड रिपोर्टिंग का 20 साल का अनुभव रखते हैं। करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने प्रशासन, सिविक इश्यू को कवर किया। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पत्रकारिता के गुर भी सीखे। बिहार विधानसभा चुनाव 2005 से लेकर लोकसभा चुनाव 2024 तक 10 चुनावों में रिपोर्टिंग की है। इसमें बिहार विधानसभा चुनाव फरवरी 2005, अक्टूबर-नवंबर 2005, लोकसभा चुनाव 2009, बिहार विधानसभा चुनाव 2010, लोकसभा चुनाव 2014, बिहार विधानसभा चुनाव 2015, लोकसभा चुनाव 2019, बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में ग्राउंड रिपोर्टिंग शामिल है। इसके अलावा यूपी चुनाव 2022 और लोकसभा चुनाव 2024 का का विश्लेण किया। इस दौरान बिहार, झारखंड और यूपी के निकाय चुनावों को कवर किया। पिछले करीब चार साल से NBT (Digital) में यूपी डेस्क काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय विद्या भवन, मुंबई से जुड़े पीकेआईएमएस से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें