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गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी
dw.com
Published about 8 hours ago

गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी

dw.com · Feb 26, 2026 · Collected from GDELT

Summary

Published: 20260226T083000Z

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तेल उत्पादक ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक रविवार को को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६तेल उत्पादक ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक रविवार कोतस्वीर: Hussein Malla/AP Photo/picture allianceदुनिया को सबसे ज्यादा पेट्रोलियम ऊर्जा सप्लाई करने वाले ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक रविवार, 1 मार्च को होगी. इस बैठक में उत्पादन को लेकर बातचीत होगी. विश्व भर में मची भूराजनीतिक खींचतान के कारण ओपेक प्लस देशों की एक तिहाई सप्लाई पर असर पड़ा है. ओपेक प्लस देश अप्रैल में उत्पादन में 1,37,000 बैरल प्रतिदिन का इजाफा कर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में पेट्रोलियम ऊर्जा की मांग 37 लाख बैरल प्रतिदिन तक जा सकती है.वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है ओपेक के फैसलों का असरतस्वीर: Barbara Gindl/dpa/picture alliance ओपेक देशों में अल्जीरिया, कॉन्गो, गिनी, गाबोन, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, नाइजीरिया, सऊदी अरब, यूएई और वेनजुएला शामिल हैं. ओपेक से जुड़े अन्य देशों को ओपेक प्लस कहा जाता है. इनमें रूस, अजरबैजान, बहरीन, ब्रूनेई, कजाखस्तान, मलेशिया, मेक्सिको, ओमान, साउथ सूडान और सूडान शामिल हैं. पेट्रोलियम ऊर्जा की कीमत तय करने में ओपेक देशों के उत्पादन की बड़ी भूमिका रही है. इसे घटाने या बढ़ाने का असर पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में दिखता है. https://p.dw.com/p/59Qtr‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ होने का दावा करने वाली किताब पर सुप्रीम कोर्ट का बैन को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ होने का दावा करने वाली किताब पर सुप्रीम कोर्ट का बैनसीजेआई सूर्यकांत के अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही हैतस्वीर: Ayush Sharma/ANIभारत के सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक विज्ञान की उस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार होने का जिक्र था. आठवीं कक्षा की यह किताब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने जारी की थी, जिसके एक चैप्टर में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ नाम का एक सेक्शन था. सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में सुनवाई शुरू की है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि यह एक गहरी साजिश का परिणाम है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाया जाना चाहिए. कोर्ट ने एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय को इस किताब की सभी प्रतियों को बाजार से हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि किताब की डिजिटल प्रतियों को भी लोगों की पहुंच से दूर किया जाए. कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग और एनसीईआरटी के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी को नोटिस भेज कर पूछा कि उनके या अपमानजनक चैप्टरों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अदालत की अवमानना कानून के तहत उचित कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए. कोर्ट ने उन सदस्यों की भी जानकारी मांगी है, जिन्होंने विवादित चैप्टर को लिखा था. https://p.dw.com/p/59Qfuजापान में लगातार 10वें साल गिरी जन्मदर को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६जापान में लगातार 10वें साल गिरी जन्मदर 1970 के बाद से ही चल रहा है जापान में जनसंख्या घटने का ट्रेंडतस्वीर: Robert Gilhooly/dpa/picture allianceजापान में 2025 में भी जन्मदर में गिरावट देखी गई है. गुरुवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यह लगातार 10वां साल है जब देश में जन्मदर सिकुड़ी है. 2025 में जापान में 7.05 लाख बच्चे पैदा हुए. 2024 के मुकाबले यह संख्या 2.1 फीसदी कम है. जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन आंकड़ों में जापान में पैदा हुए सभी बच्चे और जापानी नागरिकों के विदेशों में पैदा हुए बच्चे शामिल हैं. दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था जापान की आबादी करीब 12.3 करोड़ है. इस जनसंख्या में करीब 30 फीसदी लोग 65 साल से ज्यादा उम्र के हैं. बीते 14 साल से देश की जनसंख्या लगातार कम होती जा रही है. नवंबर 2025 में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी कहा कि घटती जनसंख्या जापान की सबसे बड़ी समस्या है. https://p.dw.com/p/59Qe8मंत्रियों को किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६मंत्रियों को किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी समुदाय को भाषणों, मीम्स, कार्टूनों या विजुअल आर्ट के जरिए बदनाम करना या नीचा दिखाना अस्वीकार्य हैतस्वीर: Adnan Abidi/REUTERSभारत के सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा, किसी भी समुदाय को भाषणों, मीम्स, कार्टूनों या विजुअल आर्ट के जरिए बदनाम करना या नीचा दिखाना अस्वीकार्य है. कोर्ट ने जोर देकर कहा कि उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन सार्वजनिक हस्तियों जैसे मंत्रियों को धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि यह संविधान का उल्लंघन होगा. कानूनी खबरों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने घूसखोर पंडत फिल्म से जुड़े आदेश में यह टिप्पणियां कीं. इस फिल्म के शीर्षक के खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं कि यह एक वर्ग के लिए अपमानजनक है. विवाद होने पर फिल्म के निर्माताओं ने कोर्ट से कहा कि वे फिल्म का नाम बदल देंगे, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को बंद कर दिया. जस्टिस उज्ज्वल भुयान की इन टिप्पणियों को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जोड़कर भी देखा जा रहा है. सरमा पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कई भाषणों और एक वीडियो में समुदाय विशेष को निशाना बनाया है. उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी लेकिन सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उन याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया. https://p.dw.com/p/59Qdtजर्मन कंपनियों में सुस्त पड़ती इको फ्रेंडली विकास की पहल को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६जर्मन कंपनियों में सुस्त पड़ती इको फ्रेंडली विकास की पहल तस्वीर: Wolfgang Rattay/REUTERSजलवायु सुरक्षा और पर्यावरण सम्मत टिकाऊ विकास के मुद्दे पर जर्मन कंपनियों का ध्यान भटक रहा है. जर्मनी की एक अहम संस्था बेर्ट्समान फाउंडेशन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया है. गुरुवार को जारी की गई इस रिपोर्ट के लिए 800 से ज्यादा कंपनियों का सर्वे किया गया. इनमें से करीब 60 फीसदी कंपनियों ने कहा कि उनके भीतर टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ने का माहौल कमजोर पड़ा है. जर्मनी में अब जलवायु नहीं, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक असमानता हैं बड़ी चिंताएं रिएल स्टेट और वित्त प्रबंधन से जुड़ी 73 फीसदी कंपनियों ने माना कि उनके बोर्ड स्तर या शीर्ष स्तर पर टिकाऊ विकास के प्रति जिम्मेदारी को अब भी अहम माना जाता है, लेकिन कई ने यह भी स्वीकार किया कि इस दिशा में कदम सुस्त पड़े हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक असमंजस, मार्केट इंसेटिव्स की कमी और बदलता भूराजनीतिक माहौल इस भटकाव के बड़े कारण हैं. इनकी वजह से कंपनियों में पर्यावरण सम्मत टिकाऊ विकास की नई पहल, 7 फीसदी कम हुई है. https://p.dw.com/p/59Qduपीएम मोदी ने कहा, इस्राएल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६पीएम मोदी ने कहा, इस्राएल के साथ मजबूती से खड़ा है भारतपीएम मोदी को इस्राएली संसद में ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गयातस्वीर: Ilia Yefimovich/AFP/Getty Imagesभारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राएल के दो दिवसीय दौरे पर हैं. बुधवार, 25 फरवरी को उन्होंने इस्राएली संसद नेसेट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के हमले का जिक्र करते हुए कहा, “हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में भागीदार हैं. भारत इस समय और भविष्य में भी इस्राएल के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत "स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है". भारत के सरकारी प्रसारक डीडी न्यूज की खबर के मुताबिक, पीएम मोदी इस्राएली संसद को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने. संबोधन से पहले उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी ने इस सम्मान को दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच अटूट मित्रता की पहचान बताया. संसद को संबोधित करने के बाद मोदी और नेतन्याहू एक कार में सवार होकर एक तकनीक प्रदर्शनी देखने पहुंचे. प्रदर्शनी के दौरान पीएम मोदी ने इस्राएली कंपनियों को भारत में निवेश करने और भारत के प्रतिभाशाली युवाओं का साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया. बुधवार को नेतन्याहू ने मोदी के लिए रात्रिभोज की भी मेजबानी की. इस दौरान नेतन्याहू शर्ट-पैंट के ऊपर हाफ जैकेट पहने नजर आए, जिसे भारत में नेहरू जैकेट भी कहा जाता है. https://p.dw.com/p/59Qdaगुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी को स्किप करें२६ फ़रवरी २०२६गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकीअमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दावा किया है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा कर रहा है. बुधवार को दोनों नेताओं ने इसे अमेरिकी हितों के लिए एक बड़ा खतरा बताया. उनके इस दावे में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान की गूंज भी है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइले बना सकता है. ट्रंप ने मंगलवार को अपने स्टेट ऑफ यूनियन भाषण में ईरान पर यह आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से तेहरान को हमले की चेतावनी भी दी.मध्य पूर्व में कई बरसों बाद अमेरिका ने तैनात किए दो विमानवाही युद्धपोततस्वीर: Stelios Misinas/REUTERS गुरुवार को जिनेवा में ईरान और अमेरिका के अधिकारियों की बातचीत होने वाली है. इस बातचीत से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने कहा, "वे अभी (यूरेनियम) संवर्धन नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे उस बिंदु तक पहुंचना चाहते हैं जहां वे ऐसा कर सकते हैं." दोनों देशों के बीच बातचीत ऐसे वक्त में हो रही है, जब इराक युद्ध के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा जमावड़ा लगा है. अमेरिकी अधिकारी बीच बीच में ईरान पर हमले के मिश्रित संकेत भी दे रहे हैं. https://p.dw.com/p/59Qanऔर पोस्ट दिखाएं


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