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jagran.com · Mar 1, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260301T131500Z
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा कल (सोमवार) विधानसभा में पेश किए जाने वाले साल 2026-27 के बजट में फागुनी रंग देखने को मिलेंगे। वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री लगातार दूसरी बार अपनी सरकार का करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये का कर रहित भारी-भरकम बजट पेश करेंगे।नायब सैनी के इस बजट में जहां केंद्रीय योजनाओं को आगे बढ़ाने की झलक नजर आएगी, वहीं कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), ढांचागत विकास, प्राकृतिक खेती, नारी सशक्तीकरण और युवा रोजगार पर खास फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी सोमवार को ठीक 12 बजे अपनी सरकार का बजट पेश करेंगे। इस बजट को ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा 2047’ में बदलने के लिए हर वर्ग के कल्याण से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य का दौरा कर हर वर्ग से सुझाव लिए हैं।इस बार के बजट का सार आधुनिक, तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर हरियाणा का है। सरकार का जोर राजस्व बढ़ाने से ज्यादा संसाधनों के स्मार्ट उपयोग और पूंजीगत निवेश बढ़ाने पर रहेगा। शिक्षा से लेकर ऊर्जा और खेलों के मैदान तक हर क्षेत्र में ‘अपग्रेड हरियाणा’ की झलक देखने को मिलेगी। इस बजट के माध्यम से सरकार की वह प्रतिबद्धता भी देखने को मिल सकती है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ‘रिफार्म’, ‘परफार्म’ और ‘ट्रांसफार्म’ के माध्यम से राज्य को विकास के पथ पर आगे लेकर जाना चाहते हैं। AI का 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण हरियाणा सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भविष्य की अर्थव्यवस्था का इंजन मान रही है। 50 हजार युवाओं को एआइ (कृत्रिम बुद्धिमता) प्रशिक्षण देने और अगले छह वर्षों में एक लाख नये रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया जा सकता है। तीसरी से 12वीं कक्षा तक एआइ आधारित शिक्षा और उच्च शिक्षा में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की योजना है। ‘सैंडबाक्स’ माडल के जरिये विभिन्न विभागों में तकनीकी प्रयोगों को गति दी जाएगी। ग्रामीण विकास, 24 घंटे बिजली और उद्योगों को बढ़ावा ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का विस्तार कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति को अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा। रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या खासकर एनसीआर में बढ़ाई जाएगी। अन्य विभागों में भी ई-वाहनों को प्रोत्साहन मिलेगा। नई उद्योग नीति के तहत फैक्ट्री भवनों की ऊंचाई सीमा में छूट और चारों ओर रास्ता छोड़ने की अनिवार्यता में ढील देकर उद्योगपतियों को राहत देने की तैयारी है। नए आवासीय और वाणिज्यिक सेक्टर बसाने का ऐलान संभव है। खेती में प्राकृतिक और दलहन फसलों को प्रोत्साहन हरियाणा सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करेगी। अभी तक राज्य में 0.144 प्रतिशत हिस्सा प्राकृतिक खेती के अंतर्गत आता है। सरकार एक लाख एकड़ तक में प्राकृतिक खेती करवाना चाह रही है। बाद में धीरे-धीरे इस क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा। 2047 तक 6.40 लाख हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। पंचायती और सरकारी भूमि पर भी प्राकृतिक खेती की जा सकेगी। इसलिए प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सुविधाओं व प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी संभव है।दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को इनपुट लागत में राहत देने दी जा सकती है। जीटी बेल्ट के दो जिलों में नई सब्जी मंडियां (आलू और टमाटर के लिए) खोली जा सकती हैं। 1.25 लाख एकड़ खराब भूमि के सुधार का कार्यक्रम कृषि बजट में देखने को मिलेगा। डेयरी और पोल्ट्री फार्मों पर सोलर प्लांट मत्स्य पालन के लिए पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम और कोल्ड चेन नीति से किसानों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। डेयरी और पोल्ट्री फार्म पर 500 किलोवाट से अधिक क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की अनुमति संभव है। इससे ऊर्जा लागत घटेगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। खेलों के लिए 800 करोड़ का संभावित आवंटन हरियाणा की पहचान खेल प्रतिभाओं से है। इस बार खेल बजट 800 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सभी स्टेडियमों के उन्नयन और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर रहेगा। राज्य में खेल शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव चर्चा में है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह देश का पहला ऐसा बोर्ड होगा, जो खिलाड़ियों को अकादमिक प्रणाली में अतिरिक्त क्रेडिट देने का ढांचा तैयार करेगा। एक्सप्रेस-वे पर अंतरराष्ट्रीय खेल गांव संभव केएमपी और मुंबई एक्सप्रेसवे के पास 120 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल गांव बसाने की तैयारी है। इसमें 70 हजार दर्शक क्षमता वाला क्रिकेट स्टेडियम, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, पुनर्वास सुविधा केंद्र और एथलीट रेजिडेंशियल परिसर शामिल होंगे। परियोजना पीपीपी माडल पर विकसित होगी, जिसमें राज्य का संभावित हिस्सा लगभग 200 करोड़ रुपये होगा। 10वीं के टॉप विद्यार्थियों का देश-विदेश भ्रमण 250 पीएमश्री स्कूलों में एटीएल-स्टेम लैब और आधुनिक आइसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। एआइ, कोडिंग, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी है। सभी 143 ब्लाकों में शिक्षा खंड स्थापित करने से प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी। सरकार ने तय किया है कि किसी भी सरकारी स्कूल में छात्र फर्श पर नहीं बैठेंगे। 15 अगस्त तक सभी स्कूलों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था पूरी करने का लक्ष्य है। 10वीं कक्षा के टाप 100 विद्यार्थियों को देश-विदेश भ्रमण पर भेजने की योजना से उन्हें वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा। जर्मन और जापानी भाषा की शुरुआत के साथ विदेशी भाषा शिक्षण का विस्तार किया जाएगा।