
punjabkesari.in · Feb 27, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260227T083000Z
Edited By Mehak,Updated: 27 Feb, 2026 01:18 PMA-A+मधुमेह यानी डायबिटीज आजकल बहुत आम हो चुकी है, खासकर टाइप-2। आचार्य मनीष जी के अनुसार, टाइप-2 शुगर को दवा पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सही खान-पान, नियमित योग, वजन नियंत्रण और सही दिनचर्या जरूरी है। खाने से पहले...नेशनल डेस्क : आजकल मधुमेह यानी डायबिटीज बहुत आम हो चुकी है। बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण जीवनशैली में बदलाव, गलत खान-पान, तनाव, मोटापा और ज्यादा बैठे रहना है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज को बिना दवा के ठीक किया जा सकता है। मधुमेह के प्रकार मधुमेह मुख्यतः दो प्रकार का होता है: टाइप-1 डायबिटीज : इसमें शरीर इंसुलिन का उत्पादन बंद कर देता है। यह जीवनभर रहता है और दवा या इंसुलिन आवश्यक होता है। टाइप-2 डायबिटीज : यह लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है। शुरुआती चरण में इसे नियंत्रित किया जा सकता है और सही आहार व व्यायाम से दवा पर निर्भरता कम की जा सकती है। टाइप-2 मधुमेह को कंट्रोल करना संभव है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। और ये भी पढ़े क्या Diabetes की दवाओं से मिल सकता है हमेशा के लिए छुटकारा? नॉर्मल शुगर देखकर छोड़ दी है दवा तो यह... किस Blood Group को है डायबिटीज का सबसे ज्यादा खतरा? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा सावधान! शुगर के मरीज बिना प्लानिंग के न रखें रोजा, छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी यह भी पढ़ें - चांदी 5000 रुपये तक उछली... सोना भी हुआ महंगा, जानें 22 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट बिना दवा के कंट्रोल करने के 3 रामबाण तरीके 1. सही भोजन और पाचन : खाना खाते समय वज्रासन में बैठें। यह पाचन और ग्लूकोज नियंत्रण में मदद करता है। भोजन को अच्छी तरह चबाएं, जिससे ग्लूकोज का अवशोषण धीरे होता है और ब्लड शुगर स्थिर रहता है। खाने से पहले सलाद या कच्ची सब्जियां लें। फाइबर ग्लाइसेमिक प्रभाव कम करता है। खाना खाते समय ज्यादा पानी न पीएं, क्योंकि इससे पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है। 2. सुबह की दिनचर्या : रोज सुबह खाली पेट उकड़ू बैठना और थोड़ा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। 3. योग और वजन नियंत्रण : नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। वजन नियंत्रण भी डायबिटीज के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है। कब दवा की जरूरत होती है? अगर ब्लड शुगर लगातार उच्च स्तर पर बना रहता है, तो दवा और मेडिकल मैनेजमेंट आवश्यक हो जाता है। केवल घरेलू उपायों पर भरोसा करना सही नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए असर अलग हो सकता है।