
india.com · Feb 14, 2026 · Collected from GDELT
Published: 20260214T213000Z
Hindi India HindiList Of Excluded Disease Or Medical Conditions For Ayushman Bharat Cashless Treatment Scheme आयुष्मान भारत योजना में एक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज मिलता है.यह लिमिट सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार के लिए होती है. अगर किसी के परिवार में 4 लोग हैं, तो वो सभी 5 लाख के फ्री इलाज में कवर होते हैं. आयुष्मान कार्ड के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है. आयुष्मान योजना को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम कहा जा रहा है. ये देश के सबसे गरीब 40% लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है. केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी के तहत 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी. फिलहाल 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग इस योजना का लाभ ले सकते हैं. बुजुर्ग के नाम पर बने कार्ड से परिवार भी कवर हो जाता है. देश में एकमात्र पश्चिम बंगाल में ही ये स्कीम लागू नहीं है. आयुष्मान योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है. दिल्लीवासियों को आयुष्मान कार्ड से डबल कवरेज मिलता है. यानी इस कार्ड के जरिए केंद्र की तरफ से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. दिल्ली सरकार भी 5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद देती है. यानी कुल मिलाकर 10 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर मिलेगा. आइए जानते हैं अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है, तो आप किन-किन बीमारियों का कैशलेस इलाज करा सकते हैं? किन मेडिकल कंडीशन पर आपको आयुष्मान कार्ड का फायदा नहीं मिलेगा:- कौन सी बीमारियां होती हैं कवर? आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं. ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है. सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं. किन मेडिकल कंडीशन में काम नहीं करेगा आयुष्मान कार्ड? सामान्य डेंटल इलाज: दांतों की सामान्य समस्याएं जैसे स्केलिंग, फाइलिंग, रूट कनाल, कैविटी ट्रिटमेंट, दांतों की सफाई या रेगुलर चेकअप भी इस योजना में शामिल नहीं हैं. अगर किसी दुर्घटना में जबड़े या दांत को गंभीर चोट लगी है, या ट्यूमर जैसी गंभीर समस्या है, तब इलाज कवर हो सकता है. क्या यूपी-बिहार के लोग दिल्ली में आयुष्मान कार्ड से ले सकते हैं 10 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रिटमेंट, जान लें नियमAdd India.com as a Preferred Source कॉस्मेटिक सर्जरी: कॉस्मेटिक सर्जरी, टैटू हटवाना, वजन घटाने की सर्जरी या गर्दन लिफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी योजना के दायरे में नहीं आतीं. ये इलाज जरूरी मेडिकल ट्रिटमेंट कैटेगरी में नहीं आते. इसलिए इनका खर्च खुद उठाना पड़ता है. IVF और प्रजनन से जुड़े इलाज: आजकल कई कपल बच्चे पैदा करने के लिए IVF जैसी तकनीकों का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुष्मान योजना में IVF और अन्य सहायक प्रजनन तकनीकों का खर्च शामिल नहीं है. यह योजना मुख्य रूप से गंभीर और जानलेवा बीमारियों के इलाज पर केंद्रित है. OPD इलाज: आयुष्मान योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होने पर लागू होती है. अगर आप केवल डॉक्टर को दिखाकर दवा लेते हैं और अस्पताल में भर्ती नहीं होते, तो उसे OPD इलाज माना जाता है. ऐसे मामलों में दवाइयों और जांच का खर्च योजना के तहत कवर नहीं होता. मेडिकल टेस्ट का खर्चा: इसी तरह, अगर आपने केवल टेस्ट करवाए हैं और कोई भर्ती इलाज नहीं हुआ है, तो उसका भुगतान खुद करना पड़ सकता है. इसलिए अस्पताल जाने से पहले यह स्पष्ट कर लें कि आपका इलाज भर्ती कैटेगरी में आता है या नहीं. आयुष्मान कार्ड बनवाते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज विटामिन, टॉनिक और सामान्य दवाओं का खर्च: अक्सर लोग कमजोरी, थकान या सामान्य स्वास्थ्य सुधार के लिए विटामिन और टॉनिक लेते हैं. लेकिन, ऐसे सप्लीमेंट्स का खर्च आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है. अगर डॉक्टर किसी गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान विशेष दवा या सप्लीमेंट लिखते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है. आयुष्मान योजना का फायदा कौन-कौन उठा सकते हैं? ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, अनुसूचित जाति या जनजाति और आदिवासी समुदाय के लोग इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं. असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग, दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग, गरीबी रेखा के नीचे गुजर- बसर करने वाले लोग और दिव्यांग व्यक्ति आयुष्मान स्कीम का फायदा ले सकते हैं. कौन नहीं उठा सकते इस योजना का फायदा? संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग, जिनके पास पक्का मकान और गाड़ी है.ऐसे कर्मचारी जिनका हर महने PF कटता हो. इनकम टैक्स देने वाले लोग और ESIC के सदस्य भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते.वहीं, सरकारी कर्मचारी भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं. एक व्यक्ति कितनी बार करा सकता है इलाज? आयुष्मान भारत योजना में एक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज मिलता है.यह लिमिट सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार के लिए होती है. अगर किसी के परिवार में 4 लोग हैं, तो वो सभी 5 लाख के फ्री इलाज में कवर होते हैं. इस कार्ड से कोई पात्र बीमार व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य कितनी भी बार इलाज करवा सकता है. बशर्ते जब तक 5 लाख की लिमिट क्रॉस नहीं हो जाती. मतलब अगर आपकी लिमिट एक बार इलाज कराके ही खत्म हो जाती है, तो उस एक साल के अंदर आपको इस कार्ड का फायदा नहीं मिल पाएगा. 70 साल से कम उम्र के लोग भी ले सकते हैं कैशलेस ट्रिटमेंट का फायदा, बड़े काम की हैं सरकार की ये स्कीम्स कैसे बनवाएं के आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmjay.gov.in/ पर जाएं. ‘Am I Eligible’ के ऑप्शन पर क्लिक करें. अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें. आपके मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें. अपना राज्य और आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर डालकर अपनी पात्रता चेक कर लें. अगर आप एलिजिबल हैं, तो आगे की प्रक्रिया पूरी करके आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं. कार्ड बनवाने के लिए आपको अपने आधार कार्ड या राशन कार्ड को PMJAY कियोस्क पर वेरीफाई करवाना होगा. इसके बाद फैमिली सर्टिफिकेट पेश करना होगा और पूरी डिटेल भरनी होगी. अब आप AB-PMJAY आईडी के साथ अपना ई-कार्ड प्रिंट करवा सकते हैं. कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए? आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार पहचान पत्र (PPP ID), मोबाइल नंबर, पात्रता सूची में नाम, जाति प्रमाण पत्र (अगर आरक्षित वर्ग से हैं तो), आय का प्रमाण पत्र और परिवार के मौजूदा स्टेटस से जुड़े दस्तावेज चाहिए. सरकारी या प्राइवेट नौकरी करने वाले भी बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड? जानें क्या है नियम और कितने का मिलता है कवरेज ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. 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