NewsWorld
PredictionsDigestsScorecardTimelinesArticles
NewsWorld
HomePredictionsDigestsScorecardTimelinesArticlesWorldTechnologyPoliticsBusiness
AI-powered predictive news aggregation© 2026 NewsWorld. All rights reserved.
Trending
TariffTrumpTradeAnnounceNewsLaunchPricesStrikesMajorFebruaryCourtDigestSundayTimelineSafetyGlobalMarketIranianTestTechChinaMilitaryTargetsJapan
TariffTrumpTradeAnnounceNewsLaunchPricesStrikesMajorFebruaryCourtDigestSundayTimelineSafetyGlobalMarketIranianTestTechChinaMilitaryTargetsJapan
All Articles
सुप्रीम कोर्ट ने कहा संविधान पर भरोसा रखिए
rashtriyakhabar.com
Published 7 days ago

सुप्रीम कोर्ट ने कहा संविधान पर भरोसा रखिए

rashtriyakhabar.com · Feb 15, 2026 · Collected from GDELT

Summary

Published: 20260215T144500Z

Full Article

ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में उपस्थिति पर राजनीति राष्ट्रीय खबर नईदिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की व्यक्तिगत पेशी को लेकर उठाए गए विरोध को खारिज कर दिया। यह मामला राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित है। अखिल भारत हिंदू महासभा ने ममता बनर्जी की अदालत में उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी, जिसे शीर्ष अदालत ने सिरे से नकारते हुए इसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अदालत के समक्ष उपस्थित होना न्यायपालिका के प्रति उनके सम्मान और संविधान में उनके अडिग विश्वास को दर्शाता है। कोर्ट ने कहा कि जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि या मुख्यमंत्री कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अदालत में पेश होता है, तो यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है। अदालत ने हिंदू महासभा की आपत्तियों को अनावश्यक मानते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रियाओं में किसी की उपस्थिति को बाधित करना उचित नहीं है। यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के संशोधन की प्रक्रिया से जुड़ा है। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने राज्य में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। इसी कानूनी लड़ाई के संदर्भ में ममता बनर्जी की व्यक्तिगत उपस्थिति की बात सामने आई थी। मुख्यमंत्री का अदालत में खुद मौजूद होना यह संकेत देता है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और कानूनी स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख उन दावों को खारिज करता है जहाँ यह कहा जाता है कि उच्च पदों पर बैठे व्यक्ति न्यायिक प्रक्रिया से ऊपर हैं। ममता बनर्जी की पेशी के समर्थन में कोर्ट की टिप्पणी ने यह संदेश दिया है कि कानून की नजर में सभी समान हैं और संवैधानिक प्रमुखों की उपस्थिति न्यायिक पारदर्शिता को बढ़ावा देती है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक दस्तावेज की शुद्धता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। इस फैसले के बाद अब मामला अपनी मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर आगे बढ़ेगा, जिसमें कोर्ट मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा करेगा।


Share this story

Read Original at rashtriyakhabar.com

Related Articles

rashtriyakhabar.com7 days ago
चुनाव करीब आने के पहले ही एमके स्टालिन का नया दांव

Published: 20260215T144500Z

rashtriyakhabar.com7 days ago
UP Politics : पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन , अखिलेश यादव की मौजूदगी में बढ़ेगा कुनबा

Published: 20260215T063000Z

rashtriyakhabar.com7 days ago
भारत और ब्राजील के बीच फार्मा और खनिज समझौतों की उम्मीद

Published: 20260215T063000Z

curierulnational.roabout 1 hour ago
România accelerează bugetarea verde . Etichetarea cheltuielilor bugetare și fiscale pentru anul 2025 a fost finalizată cu succes

Published: 20260222T124500Z

stiripesurse.roabout 1 hour ago
Schimbările climatice impun investiții masive în infrastructura hidrotehnică

Published: 20260222T124500Z

dimokratiki.grabout 1 hour ago
Χάρης Θεοχάρης : Θετική ατζέντα χαμηλής πολιτικής με την Τουρκία

Published: 20260222T123000Z